11:57 AM, सोमवार, 31 अगस्त 2026 | तिथि:तृतीया (8:51 AM तक), चतुर्थी, कृष्ण पक्ष, भाद्रपद | नक्षत्र:रेवती | राहु काल:07:34 AM - 09:10 AM | सूर्योदय:05:58 AM | सूर्यास्त:06:43 PM

सूर्य आरती

सूर्य आरती

संक्षिप्त सार (Summary)

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

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सूर्य आरती 

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।

त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन ॥टेक॥

सप्त-अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी।

दु:खहारी, सुखकारी, मानस-मल-हारी ॥जय..॥

सुर-मुनि-भूसुर-वन्दित, विमल विभवशाली।

अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली ॥जय..॥

सकल-सुकर्म-प्रसविता, सविता शुभकारी।

विश्व-विलोचन मोचन, भव-बन्धन भारी ॥जय..॥

कमल-समूह विकासक, नाशक त्रय तापा।

 सेवत सहज हरत अति मनसिज-संतापा ॥जय..॥

नेत्र-व्याधि हर सुरवर, भू-पीड़ा-हारी।

 वृष्टि विमोचन संतत, परहित-व्रतधारी ॥जय..॥

सूर्यदेव करुणाकर, अब करुणा कीजै।

हर अज्ञान-मोह सब, तत्त्वज्ञान दीजै ॥जय..॥


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