भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रप्रद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। हिंदू धर्म में इस दिन को हर साल श्री कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
कृष्ण जन्माष्टमी | Krishna Janmashtami
संक्षिप्त सार (Summary)
हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी के व्रत का बहुत ही विशेष महत्व माना जाता है। जन्माष्टमी का व्रत एक हजार एकादशियों के व्रत के बराबर है। इस दिन कृष्ण भक्त पूजा-अर्चना के साथ-साथ पूरे दिन व्रत रखते हैं और रात 12 बजे भगवान के जन्म के बाद व्रत समाप्त करते हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी | Krishna Janmashtami
इस वर्ष जन्माष्टमी
बुधवार, 2 सितंबर 2037 बुधवार, भाद्रपद-कृष्ण-अष्टमी, २०३७
पूजा करने का शुभ मुहूर्त
Midnight: 11:56 PM – 12:44 AM रात्रि: ११:५६ PM - १२:४४ AM
राहुकाल
12:20 PM – 1:55 PM
व्रत
इस दिन व्रत रखा जाता है
* मध्यरात्रि (जन्म के समय) अष्टमी तिथि रहती है, इसलिए इसे अष्टमी माना जाता है।
* यहाँ सभी समय नई दिल्ली स्थान आधारित है
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