दशहरा (विजयादशमी) 2026 की तारीख, विजय मुहूर्त, पूजा विधि और रावण दहन समय
दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहते हैं, हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों की भक्ति के बाद आता है और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दशहरा 2026 मंगलवार, 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
विजय मुहूर्त और रावण दहन का समय
दिल्ली के अनुसार अपराह्न पूजा का समय दोपहर लगभग 1:14 से 3:30 बजे तक है। इसके भीतर विजय मुहूर्त दोपहर लगभग 1:59 से 2:45 बजे तक माना गया है, जिसमें पूजा करना सबसे शुभ होता है। रावण दहन आमतौर पर प्रदोष काल में, यानी सूर्यास्त के बाद किया जाता है। हर शहर में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग होता है, इसलिए अपने शहर का स्थानीय पंचांग देखकर ही समय तय करें।
दशहरा पूजा विधि
सुबह स्नान करके पूजा स्थान साफ़ करें। विजय मुहूर्त में भगवान राम और माँ दुर्गा की पूजा करें, और अपने शस्त्र या काम के औज़ारों की पूजा करें, जिसे शस्त्र पूजन कहते हैं। इस दिन शमी और अपराजिता की पूजा भी की जाती है। शाम को रावण दहन देखें और बड़ों का आशीर्वाद लें।
दशहरे का महत्व
मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके माता सीता को मुक्त कराया था। रावण के दस सिर क्रोध, लोभ और अहंकार जैसे दस दुर्गुणों के प्रतीक हैं, और उसका दहन इन बुराइयों के त्याग का संदेश देता है। एक अन्य परंपरा के अनुसार इसी दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था, इसीलिए बंगाल में इस दिन दुर्गा विसर्जन होता है। विजयादशमी को नया कार्य शुरू करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है।